फटे-पुराने नोट और सिक्के बदलवाने का आपका सम्पूर्ण अधिकार
RBI (Note Refund) Rules 2009, संशोधित 2018, RBI Master Direction 2026 और बैंकिंग संचालन नियमों पर आधारित एक व्यापक हिंदी जन-मार्गदर्शिका
भूमिका — यह मार्गदर्शिका क्यों ज़रूरी है?
यह गाइड इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आम लोगों को अक्सर यह नहीं पता होता कि फटे, गंदे, कटे-फटे या गलत जोड़े नोटों पर बैंक का क्या दायित्व है। कई बार नियम मौजूद होते हैं लेकिन शाखा स्तर पर ग्राहक उन्हें assert नहीं कर पाता। जहाँ नियम बदले हैं, वहाँ पुराना और नया दोनों समझना जरूरी है।
एक पंक्ति में सार
यह सुविधा आपका कानूनी अधिकार है, बैंक की दया नहीं। अगर कोई शाखा बिना उचित कारण मना करे, तो आपके पास लिखित शिकायत और RBI escalation का रास्ता मौजूद है।
नोटों के प्रकार — पहले यह समझें
RBI के नियमों में नोटों को broadly चार श्रेणियों में समझा जा सकता है। हर श्रेणी के लिए अलग handling लागू होती है।
| श्रेणी | परिभाषा | कहाँ बदला जाएगा? |
|---|---|---|
| मैला नोट (Soiled Note) | सामान्य उपयोग से गंदा हुआ नोट, या दो टुकड़ों में कटा पर चिपका हुआ नोट, बशर्ते दोनों टुकड़े एक ही नोट के हों और कोई जरूरी हिस्सा गायब न हो। | देश की सभी बैंक शाखाओं में, किसी भी व्यक्ति के लिए |
| कटा-फटा नोट (Mutilated Note) | जिसका कोई हिस्सा गायब हो, या जो दो से अधिक टुकड़ों में हो। | किसी भी बैंक शाखा में, NRR 2009 के अनुसार adjudication के तहत |
| अस्पष्ट / बदला हुआ नोट | पूरी तरह या आंशिक रूप से धुंधला, सिकुड़ा, धुला, बदला या पढ़ने में कठिन, लेकिन कोई हिस्सा गायब न हो। | किसी भी शाखा में, यदि सामान्य तरीके से संभाला जा सके |
| गलत जोड़ा नोट (Mismatched Note) | एक नोट का हिस्सा दूसरे नोट के हिस्से से जानबूझकर जोड़ दिया गया हो; यह serial number, signature और security features से पहचाना जाता है। | विशेष नियम लागू होते हैं |
कितना पैसा मिलेगा? — नोट के क्षेत्रफल पर निर्भर
NRR 2009 (संशोधित 2018) के अनुसार कटे-फटे नोट का मूल्य उसके सबसे बड़े अखंड (undivided) टुकड़े के क्षेत्रफल से तय होता है। यह नियम 2026 में भी यथावत है।
₹1 से ₹20 तक के नोट — केवल दो विकल्प
इन नोटों पर आधा मूल्य कभी नहीं मिलता। या तो पूरा मूल्य मिलेगा या कुछ नहीं।
| नोट | आकार (cm) | कुल क्षेत्रफल (cm²) | पूरा मूल्य (>50%) | कुछ नहीं (≤50%) |
|---|---|---|---|---|
| ₹1 | 9.7 × 6.3 | 61.11 | 31 cm² से अधिक | 31 cm² या कम |
| ₹2 | 10.7 × 6.3 | 67.41 | 34 cm² से अधिक | 34 cm² या कम |
| ₹5 | 11.7 × 6.3 | 73.71 | 37 cm² से अधिक | 37 cm² या कम |
| ₹10 (पुरानी) | 13.7 × 6.3 | 86.31 | 44 cm² से अधिक | 44 cm² या कम |
| ₹10 (नई MG) | 12.3 × 6.3 | 77.49 | 39 cm² से अधिक | 39 cm² या कम |
| ₹20 (पुरानी) | 14.7 × 6.3 | 92.61 | 47 cm² से अधिक | 47 cm² या कम |
| ₹20 (नई MG) | 12.9 × 6.3 | 81.27 | 41 cm² से अधिक | 41 cm² या कम |
₹50 और उससे ऊपर के नोट — तीन विकल्प
इन नोटों पर पूरा, आधा या कुछ नहीं — तीनों संभव हैं।
| नोट | कुल क्षेत्रफल | पूरा मूल्य (>80%) | आधा मूल्य (40–80%) | कुछ नहीं (<40%) |
|---|---|---|---|---|
| ₹50 (पुरानी) | 107.31 | 86 cm² | 43 cm² | 43 cm² से कम |
| ₹50 (नई MG) | 89.10 | 72 cm² | 36 cm² | 36 cm² से कम |
| ₹100 (पुरानी) | 114.61 | 92 cm² | 46 cm² | 46 cm² से कम |
| ₹100 (नई MG) | 93.72 | 75 cm² | 38 cm² | 38 cm² से कम |
| ₹200 | 96.36 | 78 cm² | 39 cm² | 39 cm² से कम |
| ₹500 | 99.00 | 80 cm² | 40 cm² | 40 cm² से कम |
| ₹2000 | 109.56 | 88 cm² | 44 cm² | 44 cm² से कम |
इस विषय पर एक उपयोगी YouTube वीडियो भी देख सकते हैं: वीडियो देखें. Credit: YouTube Channel Udai Pandit
महत्वपूर्ण अपवाद
यदि ₹50 या उससे ऊपर का नोट दो टुकड़ों में है, दोनों टुकड़े एक ही नोट के हैं, और दोनों का हिस्सा अलग-अलग 40% या उससे अधिक है, तो पूरा मूल्य दिया जा सकता है। यह नियम NRR 2009 में है और 2026 Master Direction में भी जारी है।
गलत जोड़े नोट (Mismatched Note) के लिए नियम
उदाहरण: किसी ने ₹500 के एक नोट का ऊपरी आधा हिस्सा काटकर दूसरे ₹500 नोट के निचले आधे हिस्से से जोड़ दिया। ऐसे नोट serial number, हस्ताक्षर और सुरक्षा विशेषताओं से पहचाने जाते हैं।
| मूल्यवर्ग | क्या होगा? |
|---|---|
| ₹1 से ₹20 तक | दोनों में से जो बड़ा टुकड़ा है उसका क्षेत्रफल अकेले मापा जाएगा। छोटे टुकड़े को नहीं गिना जाएगा। |
| ₹50 और ऊपर | दोनों टुकड़ों को अलग-अलग नोट की तरह माना जाएगा। हर टुकड़े का क्षेत्रफल अलग-अलग जाँचा जाएगा। |
| कोई भी टुकड़ा न्यूनतम से कम | दावा अस्वीकार — कोई मूल्य नहीं |

नोट बदलने की प्रक्रिया — बैंक काउंटर पर क्या होगा?
कितने नोट एक बार में जमा किए जा सकते हैं?
2026 Master Direction ने स्पष्ट मात्रा-सीमाएं निर्धारित की हैं।
| नोट का प्रकार | छोटी मात्रा (Counter पर तुरंत) | बड़ी मात्रा (Receipt लेकर बाद में) |
|---|---|---|
| Soiled Notes | 20 नोट या ₹5,000 तक | Bulk handling, bank process के अनुसार |
| Mutilated Notes | 10 नोट या prescribed छोटी सीमा | अधिक मात्रा पर account credit / delayed settlement |
| ₹50,000 से अधिक कुल मूल्य | बैंक अतिरिक्त सावधानी बरतेगी | |
नियम परिवर्तन #1 — भुगतान की तारीख
पुरानी व्यवस्था की तुलना में 2026 framework bulk handling के लिए ज्यादा स्पष्ट है। Summary के अनुसार bulk soiled claims के लिए लगभग 7 दिन और bulk mutilated claims के लिए 30 दिन तक account-based settlement का framework लागू हो सकता है।
नियम परिवर्तन #2 — Service Charge
Bulk soiled notes पर service charge bank rate list के अनुसार लग सकता है। Mutilated notes के लिए handling free रहने का सिद्धांत स्पष्ट किया गया है।
नियम परिवर्तन #3 — Monitoring अधिकारी का पदनाम
Prescribed Officer के संदर्भ में “Cash Department” के साथ “Accounts or Cash Wing” जैसी terminology का उपयोग operational clarity के लिए किया गया है।
Prescribed Officer कौन होता है?
Prescribed Officer में Branch Manager और Cash / Accounts Wing का प्रभारी अधिकारी शामिल हो सकता है। व्यावहारिक रूप से वही व्यक्ति adjudication का final अधिकारी होता है।
Bank में नोट जमा करने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
- बैंक काउंटर पर जाएं और नोट जमा करें।
- काउंटर कर्मचारी Form DN-1 (Token) बनाएगा, जिसमें नोटों की संख्या, मूल्यवर्ग और कुल राशि होगी। Original प्रति ग्राहक को और duplicate बैंक record में रहेगी।
- Token के पीछे अपना नाम और पता लिखें।
- Prescribed Officer हर नोट की अलग-अलग जांच करेगा, अक्सर table lamp और magnifying glass की मदद से।
- योग्य नोट पर “PAY”, आधा मूल्य वाले पर “PAY HALF VALUE” और अस्वीकृत पर “REJECT” marking की जाती है।
- Original token देकर भुगतान लिया जाता है — नकद, ECS या Banker’s Cheque जैसी mode से, branch प्रक्रिया के अनुसार।
- यदि bank note बदलने से मना करे, तो Form DN-3 (Rejection Advice) की मांग करें। इस पर Prescribed Officer के हस्ताक्षर और शाखा की stamp होना जरूरी है।
तीन ज़रूरी Form
| फॉर्म | उपयोग |
|---|---|
| Form DN-1 | Token / Receipt (ग्राहक को दिया जाता है + बैंक copy) |
| Form DN-2 | Bank internal register — सभी transactions का record |
| Form DN-3 | Rejection Advice — अस्वीकृति का लिखित कारण, rule reference सहित |
मृत्यु होने पर — कानूनी उत्तराधिकारी क्या करें?
यह प्रावधान NRR 2009 (Rule 12) में है और 2026 में भी जारी है। दावेदार की मृत्यु के बाद उसके legal heirs भुगतान ले सकते हैं।
- Prescribed Officer को Indemnity Bond देना पड़ सकता है। इसका printed form बैंक उपलब्ध करा सकती है।
- ₹500 तक के कुल claim पर केवल Declaration से काम हो सकता है; Indemnity Bond जरूरी नहीं। यह सीमा प्रति नोट नहीं, पूरे claim के कुल मूल्य पर लागू होती है।
- Stamp Duty का खर्च दावेदार को उठाना होगा।
- विशेष सुरक्षित लिफाफे (TLR Cover) के कुछ मामलों में nominee बिना अतिरिक्त bond के भुगतान प्राप्त कर सकता है।
- यदि 3 महीने में claim न लिया जाए, तो राशि RBI के Banking Department में जमा हो सकती है।
इस विषय को विस्तार से समझने के लिए Bank Death Claim Settlement Process: नॉमिनी और बिना नॉमिनी के बैंक से पैसा कैसे निकालें? भी पढ़ सकते हैं।
कौन से नोट नहीं बदले जाएंगे?
Rule 6(3) NRR 2009 के अनुसार कुछ स्थितियों में claim reject किया जा सकता है। यह framework 2026 में भी जारी है।
| अस्वीकृति का कारण | Rule Reference |
|---|---|
| असली नोट के रूप में पहचाना न जा सके | Rule 6(3)(i) |
| जानबूझकर काटा, फाड़ा, बदला या नकली जैसा बनाया गया हो | Rule 6(3)(ii) |
| राजनीतिक या धार्मिक नारे / संदेश लिखे हों | Rule 6(3)(iii) |
| गैरकानूनी तरीके से भारत में लाया गया हो | Rule 6(3)(iv) |
| Prescribed Officer की मांगी जानकारी 3 महीने में न दी जाए | Rule 6(3)(v) |
| पहले से “PAY”, “PAID” या “REJECT” stamp लगा हो | Rule 6(2) |
| ₹20 तक: सबसे बड़ा टुकड़ा ≤50% क्षेत्रफल | Rule 8(1)(ii) |
| ₹50 और ऊपर: सबसे बड़ा टुकड़ा <40% क्षेत्रफल | Rule 8(2)(iii) |
सिक्कों के बारे में नियम
| विषय | नियम |
|---|---|
| कौन से सिक्के legal tender हैं? | 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10, ₹20 — लागू डिज़ाइन और विनिर्देशों के अनुसार |
| कौन से सिक्के बंद हो चुके? | 25 पैसे और उससे कम — 30 जून 2011 से legal tender नहीं |
| Counter पर सिक्के रखना | 100-100 सिक्कों की छोटी थैलियों / पैकेट में ले जाना practical है |
| Bulk customers (1 bag से अधिक) | KYC-registered customer status की जरूरत पड़ सकती है; Door-Step Banking भी उपलब्ध हो सकती है |
| Minimum stock | हर branch में हर denomination का minimum stock रखा जाना चाहिए |
| क्या बैंक मना कर सकती है? | नहीं, वैध सिक्के लेने से शाखा मना नहीं कर सकती |
बैंक की अनिवार्य ज़िम्मेदारियां
2026 Master Direction के अनुसार हर बैंक शाखा को कुछ मूलभूत सुविधाएं और compliance steps बनाए रखना अनिवार्य है।
- Counter पर Note Counting Machine / Dual Display Machine रखना ताकि ग्राहक खुद note counting verify कर सके।
- स्पष्ट notice board लगाना: “SOILED / MUTILATED NOTES AND COINS ARE ACCEPTED AND EXCHANGED HERE” — हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा में।
- यह सुविधा सभी कार्यदिवसों पर, बिना भेदभाव के, खाताधारक और गैर-खाताधारक दोनों को देना।
- ATM में समय पर cash replenishment करना ताकि cash-out कम हो।
- Counter पर आए हर note की machine-based authenticity check करना; counterfeit note वापस नहीं किया जाएगा।
- Business Correspondents (BCs) और Cash in Transit (CIT) entities के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों तक सुविधा पहुंचाना।
- Note पर कुछ भी न लिखना और कर्मचारियों/ग्राहकों को भी इसके बारे में शिक्षित करना।
- Counterfeit note मिलने पर “COUNTERFEIT NOTE IMPOUNDED” stamp और reporting process follow करना।
- Non-compliance पर RBI penalty लगा सकती है।
नियम परिवर्तन #4 — Small Finance Banks और Payment Banks
2026 framework में यह स्पष्ट किया गया कि कुछ institutions के लिए mutilated notes handling सभी मामलों में अनिवार्य नहीं हो सकती। हालांकि soiled notes के मामले में obligation अलग तरह से लागू हो सकती है। Practical advice यह है कि यदि आपके पास ज्यादा कटे-फटे notes हैं, तो किसी बड़े scheduled commercial bank branch में जाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
अस्वीकृत और पुराने नोटों का क्या होता है?
| नोट का प्रकार | प्रक्रिया |
|---|---|
| पूरे मूल्य वाले नोट (Full Value Paid) | शाखाओं से linked Currency Chest के माध्यम से RBI Issue Office भेजे जा सकते हैं |
| आधे मूल्य वाले और अस्वीकृत नोट | 3 महीने की preservation period के बाद RBI Issue Office को भेजे जाते हैं, फिर नष्ट किए जाते हैं |
| Non-CC Branches | Half value + rejected notes linked CC branch या सीधे RBI Issue Office को भेजे जा सकते हैं |
| Court order | अस्वीकृति के 3 महीने के भीतर court order लाने पर note destruction रोकी जा सकती है |
| CC branch reporting | Quarterly report RBI Issue Office को भेजी जाती है |
नियम अंतर #5 — 3 महीने की retention अवधि
पुराने framework की तुलना में retention / preservation handling को operational रूप से ज्यादा स्पष्ट किया गया है।

शिकायत कैसे करें — अगर बैंक मना करे?
RBI Master Direction 2026 में grievance mechanism को काफी स्पष्ट किया गया है। पहले के Rules में यह व्यवस्था उतनी विस्तृत नहीं थी।
Step 1 — शाखा में लिखित शिकायत
- Branch Manager को लिखित शिकायत दें।
- बैंक को 30 दिन के भीतर जवाब देना अनिवार्य है।
Step 2 — RBI Integrated Ombudsman
- यदि 30 दिन में जवाब न आए, या जवाब से संतुष्टि न हो, तो RBI Ombudsman route अपनाएं।
- ऑनलाइन: cms.rbi.org.in
- Dedicated email: RBI website पर उपलब्ध
- Physical mode: Reserve Bank of India, 4th Floor, Sector 17, Chandigarh – 160017
- Bank / डाक की receipt, DN-1, DN-3 और अन्य proof साथ रखें।
शिकायत करने से पहले यह ज़रूर करें
- Form DN-1 (Token / रसीद) की फोटो या photocopy अपने पास रखें।
- Form DN-3 (Rejection Advice) की copy सुरक्षित रखें।
- शाखा में जाने की तारीख, समय और कर्मचारी का नाम नोट कर लें।
यही documents Ombudsman complaint में सबसे महत्वपूर्ण सबूत बनते हैं।
त्वरित संदर्भ तालिका — एक नज़र में
| प्रश्न | उत्तर (लागू नियम 2026) |
|---|---|
| क्या गैर-खाताधारक नोट बदल सकते हैं? | हाँ — किसी भी बैंक की किसी भी शाखा में |
| Soiled notes — counter पर limit? | 20 नोट या ₹5,000 तक — मुफ्त, उसी दिन |
| Mutilated notes — counter पर limit? | 10 नोट — उसी दिन नकद; उससे ज़्यादा पर account-based settlement |
| Bulk soiled पर charge लगेगा? | हाँ — bank rate list के अनुसार; mutilated handling free |
| Mutilated notes exchange free? | हाँ — सामान्यतः free |
| 25 पैसे का सिक्का legal tender? | नहीं — 30 जून 2011 से बंद |
| ₹20 तक के नोट पर आधा मूल्य मिलता है? | नहीं — या पूरा मिलेगा या कुछ नहीं |
| Rejected note वापस मिलेगा? | नहीं — बैंक retain करेगी और 3 महीने बाद नष्ट कर सकती है |
| Scribbling वाला note legal tender? | हाँ — exchange और deposit दोनों हो सकते हैं, यदि केवल साधारण लिखावट हो |
| Political slogan वाला note? | Legal tender नहीं — claim reject हो सकता है |
| शिकायत कहाँ करें? | 30 दिन में branch जवाब न दे तो cms.rbi.org.in |
सभी नियम परिवर्तनों का सारांश
NRR 2009 से 2026 Master Direction तक 5 प्रमुख operational बदलाव स्पष्ट रूप से सामने आते हैं:
| # | विषय | पहले (2009) | अब (2026) |
|---|---|---|---|
| 1 | भुगतान की तारीख | उसी दिन (bulk भी) की पुरानी समझ | Bulk: 7 दिन (soiled) / 30 दिन (mutilated) जैसी structured handling |
| 2 | Service Charge | कभी नहीं | Bulk soiled पर service charge allowed; mutilated हमेशा free |
| 3 | Counter Limit | कोई fixed limit नहीं | Soiled: 20/₹5,000; Mutilated: 10/₹5,000 |
| 4 | Small Finance Banks | सभी को mandatory समझा जाता था | SFBs (2 साल) + Payment Banks के लिए optionality |
| 5 | Grievance Redressal | RBI Issue Office को refer | 30 दिन branch → फिर Ombudsman (cms.rbi.org.in) |
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निष्कर्ष — आपका अधिकार, आपकी जागरूकता
अंतिम बात
RBI के तीन स्तर के दस्तावेज़ मिलकर एक मजबूत व्यवस्था बनाते हैं जो भारत के हर नागरिक की रक्षा करती है:
- NRR 2009 (संशोधित 2018) — कानूनी आधार: कितना पैसा मिलेगा, किस condition में।
- RBI Master Direction 2026 — क्रियान्वयन: सभी बैंकों के लिए अनिवार्य प्रक्रिया।
- Bank operating circulars — शाखा स्तर पर पालन का practical ढांचा।
याद रखें: यह सुविधा आपका कानूनी अधिकार है — बैंक की दया नहीं। अगर कोई बैंककर्मी मना करे, तो शांत रहें, Branch Manager से मिलें, और जरूरत पड़े तो cms.rbi.org.in पर complaint करें। फटे नोट मत फेंकिए — बैंक ले जाइए।
अस्वीकरण (Disclaimer)
उद्देश्य: यह मार्गदर्शिका केवल जन-जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य बैंकिंग नियमों को सरल भाषा में समझाना है, इसे कानूनी सलाह न माना जाए।
दस्तावेज़ आधार: इस गाइड में दी गई जानकारी RBI (Note Refund) Rules 2009 (संशोधित 2018), RBI Master Direction 2026 और बैंकिंग संचालन दिशानिर्देशों पर आधारित है।
अंतिम निर्णय: नोट के मूल्य के निर्धारण (Adjudication) का अंतिम अधिकार संबंधित बैंक के Prescribed Officer (अधिकृत अधिकारी) के पास सुरक्षित है। गाइड में दी गई क्षेत्रफल (cm²) की गणना केवल आपके अनुमान के लिए है; बैंक अधिकारी का निर्णय ही अंतिम और सर्वोपरी माना जाएगा।
नोट की वापसी: एक बार नोट को आधिकारिक जांच (Adjudication) के लिए बैंक में जमा कर दिया जाता है, तो वह बैंक की संपत्ति बन जाता है। रिजेक्ट होने की स्थिति में भी नोट ग्राहक को वापस नहीं किया जाएगा।
नियमों में बदलाव: बैंकिंग नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय लेन-देन या विवाद की स्थिति में पाठक को अपनी बैंक शाखा या RBI की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
दायित्व: इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए लेखक या “Finance In A Nutshell” जिम्मेदार नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीचे दिए गए सवाल उन practical situations पर आधारित हैं जो ग्राहकों को फटे-पुराने नोट और सिक्के बदलवाते समय सबसे अधिक face करनी पड़ती हैं।
संदर्भ (References)
आपकी जानकारी की सत्यता की पुष्टि के लिए निम्नलिखित आधिकारिक स्रोतों का उपयोग किया गया है:
RBI Master Direction – Facility for Exchange of Notes and Coins
विवरण: यह भारतीय रिज़र्व बैंक का नवीनतम व्यापक निर्देश है जो सभी बैंकों के लिए नोट और सिक्के बदलने की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाता है।
लिंक: https://rbi.org.in/scripts/BS_ViewMasDirections.aspx?id=13362
Reserve Bank of India (Note Refund) Rules, 2009 (As Amended in 2018)
विवरण: यह वह कानूनी ढांचा है जो फटे-पुराने नोटों के रिफंड मूल्य (पूरा, आधा या शून्य) की गणना के नियम निर्धारित करता है।
लिंक: https://www.rbi.org.in/Scripts/PublicationsView.aspx?id=6450


